मानवाधिकार परिवार केवल एक पत्रिका नहीं, बल्कि एक सामाजिक-वैचारिक आंदोलन है। इसकी स्थापना समाज में व्याप्त अन्याय, असमानता, शोषण और अधिकारों के हनन के विरुद्ध सशक्त लेखनी के माध्यम से संघर्ष करने के उद्देश्य से की गई।
हमारा मानना है कि लोकतंत्र तभी सशक्त होता है जब नागरिक जागरूक, संवेदनशील और जिम्मेदार हों।पत्रिका का उद्देश्य किसी विशेष विचारधारा का प्रचार नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों का संरक्षण और प्रचार है। यह मानवाधिकार आधारित निष्पक्ष पत्रकारिता और विचारों की स्वतंत्र अभिव्यक्ति का मंच है।
मानवाधिकार, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय मुद्दों पर आधारित हिंदी मासिक पत्रिका का नियमित प्रकाशन।
और जानेंलेखकों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शोधकर्ताओं के लिए स्वतंत्र एवं सम्मानजनक लेखन मंच।
और जानेंमानवाधिकार, मौलिक कर्तव्य, महिला अधिकार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समानता पर जागरूकता अभियान।
और जानेंसंविधान, नागरिक अधिकार, कर्तव्य और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर जनजागरूकता।
और जानें
पुत्र – श्री राम लखन अवस्थी (लोकतंत्र रक्षक सेनानी)
माता – श्रीमती शैलजा कुमारी अवस्थी
जन्म तिथि– 05–06–1970
आवास पता – 1∕125, सेक्टर एच जानकीपुरम, लखनऊ–226021
कार्यालय पता– रफ़ा∕12–13, प्रथम तल, करामत मार्केट, निशातगंज, महानगर लखनऊ–226006
शिक्षा– स्नातक
कार्यविवरण – समाजसेवा एवं पत्रकारिता, सम्पादक मानवाधिकार परिवार राष्ट्रीय हिन्दी मासिक पत्रिका, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय मानवाधिकार परिवार
मोबाइल नं– 9919710000,
हेल्पलाइन नं – 8081688888
कार्यालय नं– 0522 3505710
ईमेल – manvadhikarparivar@gmail.com
मानवाधिकार परिवार एक अनुभवी, समर्पित और संवेदनशील टीम द्वारा संचालित है। हमारा उद्देश्य निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज को जागरूक और सशक्त बनाना है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष
राष्ट्रीय महासचिव
राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
मानवाधिकार परिवार ने समाज में जागरूकता फैलाने का जो बीड़ा उठाया है, वह सराहनीय है। इनकी पत्रिका नियमित रूप से पढ़ता हूँ और इससे बहुत कुछ सीखने को मिलता है।
इस संस्था के प्रयासों से कई वंचित लोगों को न्याय मिला है। इनका कार्य वास्तव में प्रेरणादायक है और हम सभी को इनसे जुड़ना चाहिए।
मानवाधिकार और कर्तव्यों के प्रति जो अलख इन्होंने जगाई है, वह देश को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। शुभकामनाएँ!